राम मंदिर के लिए और कितना इंतजार करना होगा

राम मंदिर के लिए और कितना इंतजार करना होगा




अयोध्या मामला सबसे पहले 1885 में कोर्ट में पंहुचा आज करीब 134 साल बीत चुके है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट में ये मामला 1950 में पंहुचा ,60 के बाद 2010 में इलाहाबाद H.C ने अपना फैसला सुनाया ,लेकिन मुस्लिम पछकारो को ये फैसला मंजूर न था इसलिए ये मामला S.C में सुनवाई के लिए गया तब से 9 साल हो गए अबतक कोई भी फैसला नहीं सुनाया गया है .

अभी कुछ ही दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने ये कहा की अयोध्या मामले की सुनवाई अबसे रोज होगी इसी फैसले  लेकर मुस्लिम पछकर के वकील राजीव धवन ने S.C के फैसले का विरोध कर दिया उन्होंने कहा की हफ्ते में 5 दिन की सुनवाई अमानवीय है यानि यह एक प्रताणना जैसी है ,और उन्होंने कहा की अगर इतनी जल्दी फैसला हुआ तो मैं ये केस नहीं लडूंगा।

इसी केस में लोकसभा इलेक्शन के पहले कांग्रेस के नेता कपिल सिब्बल ने भी बोला  था की अगर इलेक्शन के पहले फैसला सुनाया गया तो भाजपा को चुनावी फायदा हो जाएगा इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला टाल दिया था अब लोकसभा इलेक्शन होगया अब भी ये लोग रोड़ा डाल  रहे है।

दरसल मुस्लिम पच्छ के वकील को ऐसा लगता है की केस को जितना जयादा हो सके उतना लटकाया जाये क्योंकि जस्टिस रंजन गोगोइ रिटायर होने वाले है। अब आगे देखते है की कब तक इसका फैसला आता है ,ऐसे ही हमारे प्रधानमंत्री को कुछ लोग फेकू बोलते थे और ये भी बोलते थे की मोदी क्या मोदी जैसे और भी लोग आ जायेंगे लेकिन 370 नहीं ख़तम कर पाएंगे। अब उनके मुँह पर ताले लग गए हैं। जिस दिन राममंदिर भी बन जायेगा तो विपछ का सूपड़ा साफ़ हो जायेगा।
 

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