संविधान की धज्जियां तो तुम और तुम्हारा परिवार आज भी उड़ा रहा है प्रियंका वाड्रा।
अतः संविधान की रक्षा तुम क्या करोगी प्रियंका वाड्रा।
आजकल यूपी के कट्टर धर्मान्ध साम्प्रदायिक दंगाइयों, बलवाइयों के निर्लज्ज बचाव और समर्थन का सेक्युलरी पुण्य कमाने के जुगाड़ के लिए यूपी की राजनीतिक तीर्थयात्रा कर रही प्रियंका वाड्रा बार बार यही राग अलाप रही है कि मैं संविधान बचाने निकली हूं।
प्रियंका वाड्रा पूरा देश यह जानता है कि भारत का कानून भारत के संविधान के दायरे में भारत के संविधान के अनुसार ही बना है। भारत के उसी संविधान, उसी कानून की कोख से उपजे, हिमाचल प्रदेश के भूमि संबंधित कानूनों के अनुसार केवल हिमाचल प्रदेश का नागरिक ही हिमाचल प्रदेश में जमीन खरीद कर घर बना सकता है।
लेकिन प्रियंका वाड्रा पूरा देश यह भी जानता है कि उसी हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में तुमने आलीशान कोठी बनवाई है। जबकि तुम या तुम्हारे पूरे परिवार या वंश का किसी प्रकार का कोई नाता हिमाचल प्रदेश से नहीं है।
प्रियंका वाड्रा, पूरा देश यह भी जानता है कि 2007 में शिमला में तुमने जब यह जमीन खरीदी थी तब हिमाचल प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेसी सरकार ने हिमाचल प्रदेश के Land Reforms and Tenancy Act के Sec 118 के तहत तुम्हारे लिए हिमाचल प्रदेश के भूमि से संबंधित कानूनों को Relax अर्थात शिथिल कर दिया था।
प्रियंका वाड्रा, संविधान की ही कोख से बने नियम कानून को किसी के लिए शिथिल करने के जुगाड़ को ही आम आदमी की भाषा में संविधान और कानून की धज्जियां उड़ाना कहा जाता है।
लेकिन यही एक उदाहरण नहीं है। प्रियंका वाड्रा पूरा देश जानता है कि किसी सरकारी या संवैधानिक पद पर रहे बिना ही नई दिल्ली के लोधी एस्टेट में 30 हज़ार वर्गफुट के जिस आलीशान सरकारी बंगले में तुम पिछले 15 बरस से रह रही हो, देश के कानून और संविधान के अनुसार उस बंगले में रहने की तुम पात्र नहीं हो। देश के कानून और संविधान के अनुसार तुम्हें उस बंगले में रहने की इजाज़त नहीं है। नई दिल्ली के प्रॉपर्टी बाजार भाव के अनुसार इस बंगले का किराया डेढ़ से 2 करोड़ रुपये प्रतिमाह होता है।
प्रियंका वाड्रा 1,63,408 वर्गफुट के जिस सरकारी बंगले 10 जनपथ में पिछले 28 वर्षों से तुम्हारी मम्मी रहती हैं, देश के कानून, संविधान के अनुसार उस बंगले में कोई केंद्रीय मंत्री भी नहीं रह सकता।
लेकिन किसी संवैधानिक सरकारी पद पर ना रहते हुए भी, मात्र एक सांसद की हैसियत वाली तुम्हारी मम्मी सोनिया गांधी पिछले 28 बरस से देश के कानून और संविधान की धज्जियां उड़ाते हुए उस बंगले पर काबिज हैं। 1991 से 1999 तक तो वो सांसद भी नहीं थी लेकिन इसी बंगले पर काबिज थी। नई दिल्ली के प्रॉपर्टी बाजार भाव के अनुसार इस बंगले का किराया 4 से 5 करोड़ रुपये प्रतिमाह होता है।
इसीतरह नई दिल्ली में तुगलक रोड में 54 हज़ार वर्गफुट के जिस सरकारी बंगले में पिछले 15 बरसों से तुम्हारा सांसद भाई राहुल गांधी रह रहा है, देश का कानून और संविधान उस शानदार आलीशान सरकारी बंगले में किसी सांसद मात्र को रहने की इजाजत नहीं देता लेकिन तुम्हारा भाई देश के उसी कानून/संविधान की धज्जियां उड़ाते हुए उस बंगले में 15 बरस से रह रहा है। नई दिल्ली के प्रॉपर्टी बाजार भाव के अनुसार इस बंगले का किराया 2 से 3 करोड़ रुपये प्रतिमाह होता है।
आज नहीं तो कल, गांधी परिवार को सरकारी खजाने के 100-125 करोड़ रू लील रहे अपने इस निजी उपयोग/खर्च का जवाब देश को देना ही होगा।
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