आन्ध्र प्रदेश सरकार क्यों कर रही हैं legislative council (विधान परिषद) को रद्द ।,क्या ये संविधान के अनुसार किया जा रहा है या उसके खिलाफ

Legislative council क्या होता हैं ?

ये राज्यो के विधान मंडल का upper house होता हैं।
Legislative को दो भागों में बाटा गया हैं।पहला होता हैं upper house जिसे विधान परिषद कहा जाता हैं और दूसरा होता हैं lower house जिसे कहा जाता हैं विधानसभा।भारत के सभी राज्य में विधानसभा होना compulsory हैं लेकिन विधान परिषद का होना जरूरी नहीं है।विधान परिषद member directly जनता के द्वारा नही चुने जाते हैं जिनका चुनाव राज्य के local bodies, graduate करते हैं ।और कुछ nominated member भी होते हैं जिन्हें गवर्नर के द्वारा nominate किया जाता हैं।

Legislative council को क्यों सामिल किया गया हैं संविधान में ?
ये council संविधान में इसलिए सामिल किया गया हैं ताकि जो विधायक और विधानसभा member होते हैं वो अपने powers का गलत इस्तेमाल न करपाये ।
लेकिन हमने पिछले 70 सालों से practicly देखा गे हैं ये council सिर्फ और सिर्फ executive के decision को रोकने का काम कर रहा हैं ।इस council का हमेशा गलत उपयोग किया गया हैं विधान परिषद में।
इस समय भारत के कितने राज्यों में विधान परिषद हैं ?
1.आन्ध्र प्रदेश
2.तेलेंगाना 
3.उत्तर प्रदेश
4.बिहार
5.महाराष्ट्र
6.कर्नाटक
पहले 7 राज्यों में था लेकिन। अभी हाल ही में जम्मू आउट कश्मीर को union teritory बनाने के बाद उनको abolished कर दिया गया हैं। इस union teritory में अब न ही Legislative council हैं और न ही legislative assembly हैं।

क्या legislative council को abolished किया जा सकता हैं संविधान के अंतर्गत?संविधान में article 169(1) के तहत उनको अबोलिश और क्रिएट किया जा सकता हैं ।और इसको create और abolish करने का power सिर्फ parliament के पास हैं।इसको create औए abolish करने के लिए state को एक ressolution पास करना होगा ।और ये ressolution parliament को submit करना होगा।

किस तरह का ressolution होना चाहिए ?
There are two types of resolution
1) Special Majority
इस ressolution को पास कराने के लिए 2/3 of  थे टोटल member present in the विधानसभा।

2)और parliament में simple majority से भी पास किया जा सकता हैं उस टाइम जितने भी मेंबर present होंगे उनको ही consider किया जाएगा ।

आंध्र प्रदेश सरकार इसे क्यों abolish कर रहा हैं ?
आंध्र प्रदेश में पहले TDP की सरकार थी लेकिन अब वंहा पर YSR कांग्रेस की सरकार है और YSR कांग्रेस के जगन मोहन रेड्डी का कहना हैं कि राज्य का विकाश करने के लिए एक राज्य की 3 राजधानी बनाने के लिए उन्होंने एक bill पास किया हैं जिसका विरोध कर रही हैं TDP सरकार।YSR कांग्रेस ने अमरावती को विधानसभा कुर्नूल को हाई कोर्ट और विशाखापट्नम को मंत्रियों के ऑफिस बनाने को कहा हैं।ये होंगी आंध्र प्रदेश की नई तीन राजधानी।
भारत में इससे पहले कभी भी एक राज्य की 3 राजधानी बनाने के लिए कभी भी कोई भी मुद्दे नही उठाये गए हैं ।कभी कभी capital को shift कर दिया जाता था खाश कर विंटर मौसम में वो भी जम्मू कश्मीर में सिर्फ एयर कभी कभी महाराष्ट्र में भी कोई important meeting के लिए capital को shift किया गया हैं।
YSR कांग्रेस ने विधानसभा में दो बिल  पास किये हैं ।
 1)The Andhra pradesh Decentralization and inclusive development of all region bill 2020.
2)The andhra pradesh capital region development authority repeal bill 2020.

लेकिन वो बिल जब legislative council में जायेगा तो पास नही होगा क्योंकि YSR कांग्रेस का legislative council में 9 member हैं और वंही तेदेपा के पास 26 मेंबर हैं जिसके वजह से बिल को ताक दिया जाएगा ।लेकिन बिल को ज्यादा से ज्यादा पहली बार में 3 महीने के लिए रोका जा सकता हैं और दूसरी बार सिर्फ 1 महीने के लिए रोका जा सकता हैं उसके बाद वो बिल पास हो जाएगा ।

 क्या कभी विधान परिषद को कभी abolish किया गया हैं ?
1)आंध्र प्रदेश legislation council created in 1957 and abolished in 1985.
और ये 2005 में फिर create किया गया हैं।
और अब इसको abolised किया जा रहा हैं।

2)तमिलनाडु legislation council abolished in 1986।
3)पंजाब और वेस्ट बेंगाल legislation council abolished in 1969।




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