कमल शर्मा आम आदमी पार्टी यानि कि AAP का बहुत बड़ा समर्थक था। वह आम आदमी पार्टी, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, दिलीप पांडेय, सोमनाथ भारती, इत्यादि के ट्वीट को अक्सर रिट्वीट करता था। वह भाजपा से नफ़रत करता था। पिछले चुनावों में भी उसने शाहीन बाग, भजनपुरा और सीलमपुर के जेहादियों के साथ मिल कर AAP के पक्ष में ज़ोरदार प्रचार किया। उसकी मेहनत रंग लाई और AAP की सरकार दिल्ली में बनी। कमल शर्मा बहुत खुश था।
पर आज कमल शर्मा दुःखी हो गया। जिन जेहादियों के साथ मिलकर उसने भाजपा को हराया और केजरीवाल को जिताया था, उन्हीं जेहादियों ने उसका रेस्टॉरेंट आग के हवाले कर गया। उन्होंने रेस्टोरेंट जलाते समय यह नहीं पता किया कि यह किसी AAP वाले का रेस्टॉरेंट तो नहीं। *उनके लिए तो कमल शर्मा एक काफिर था।* अब कमल शर्मा आम आदमी पार्टी के विधायक दिलीप पांडेय के सामने रो रहा है कि हमने क्या गलती की थी जो मेरा रेस्टॉरेंट फूंक दिया।
ऐसा ही होता है। जब कोई व्यक्ति सत्य जानते हुए भी स्वार्थ से अभिभूत होकर अपने दुश्मन का ही साथ देता है तो ऐसा ही होता है। मुझे कमल शर्मा के साथ पूरी सहानुभूति है। आशा है कि कमल शर्मा के साथ जो कुछ भी हुआ है उससे दूसरे हिन्दू सीख लेंगे और भविष्य में ऐसे किसी भी व्यक्ति का साथ नहीं देंगे जो जेहादियों का साथ दे रहा है या ले रहा है।
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