Article 331: अनुच्छेद 331- एंग्लो इंडियन प्रतिनिधित्व
भारतीय संसद में लोकसभा की 543 सीटों के अलावा 2 सीटों पर एंग्लो-इंडियन समुदाय के सदस्यों को नामित करने की परंपरा रही है। जिसके बाद 545 सदस्यों का हाउस पूरा होता है। पर ये एंग्लो इंडियन समुदाय़ क्या है और कौन से लोग इस समुदाय के अंदर आते हैं। ये शायद आप नहीं जानते होंगे। दरअसल इनका वजूद बहुत पुराना है। अंग्रेज़ों ने जब भारत में अपने पैर पसारने शुरू किए तो धीमे धीमे इनकी तादाद यहां बढ़ने लगी और भारत वासियों के साथ इनके नए परिवारों की एक नई शुरूआत हुई। पहले की तुलना में भारत में इनकी जनसंख्या में कमी आई है। असल में एंग्लो इंडियन यानि आंग्ल-भारतीय वो व्यक्ति है जिसका पिता या पितृ-परंपरा में कोई अन्य पुरूष...यूरोपीय मूल से आता हो... लेकिन वो व्यक्ति भारत के राज्यक्षेत्र में अधिवासी हो....संसद के अलाया भारत के संविधान में राज्यों की विधानसभा में भी एंग्लो इंडियन्स का ज़िक्र किया गया है।आज विशेष के इस अंक में हम जानेंगे संविधान में एंग्लो इंडियन के लिए प्रावधान को, जानेंगे कौन होते हैं एंग्लो इंडियन, साथ ही साथ सांसद के तौर पर एंग्लों इंडियन सदस्यों का चुनाव और अधिकार को...
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