मोदी सरकार ने आने वाले वर्षों में अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए कौन से 7 बड़े काम किए हैं?

मोदी सरकार ने आने वाले वर्षों में अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए  कौन से 7 बड़े काम किए हैं?

२०२० के प्रवेश करते ही २१वी सदी का आरम्भ हो चूका हैं। २१वी सदी को एशिया के लिए खाश तौर पर भारत के लिए अहम् बताया गया हैं। पीएम मोदी भी इस बात जिक्कर  करते हैं  साल 2018 -19 में मोदी सरकार ने देश की अर्थव्यस्था को रफ़्तार देने के लिए कई आर्थिक फैसले लिए। जिसकी देश और विदेश में सरगना की गई लेकिन विपछ ने इन तमाम फैसलों को अर्थव्यस्था के लिए खतरनाक बताया। दुनिया मोदी सरकार द्वारा किये गए आर्थिक सुधारो को दूरदर्शी बता रही हैं साल 2019 में  कुछ  समय के लिए अर्थव्यस्था में उतार चढ़ाव जरूर देखने को मिला। लेकिन साल 2019 जाते जाते मोदी सरकार की झोली में 7 खुशिया दे गया जिसमे 

1. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ 


The Gross Value Added (GVA) at basic current prices from the manufacturing sector in India grew at a CAGR of 4.34 per cent during FY12 and FY18 as per the second advance estimates of annual national income published by the Government of India. During April-September 2018, GVA from manufacturing at current prices grew 14.8 per cent year-on-year to Rs 138.99 trillion (US$ 198.05 billion). Under the Make in India initiative, the Government of India aims to increase the share of the manufacturing sector to the gross domestic product (GDP) to 25 per cent by 2022, from 16 per cent, and to create 100 million new jobs by 2022. Business conditions in the Indian manufacturing sector continue to remain positive.


दिसंबर महीने में देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के उतपादन में ग्रोथ 7 महीनो की ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। ये दिसंबर महीने में बढ़कर 52.7% पहुंच गया हैं इसके 50 % से ऊपर होने का मतलब हैं की मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में गिरावट नहीं होगी बल्कि बढ़ोतरी होगी. 

2 . FDI में बढ़त 
FDI rises 15 per cent during April-September 2019 to USD 26 billion. Sectors, which attracted maximum foreign inflows, include services, computer software and hardware, telecommunications, automobile and trading.


वित्त वर्ष की पहली छमाही अप्रिल सितम्बर के दौरान FDI १५% बढाकर 26  अरब डॉलर पहुंच गया हैं इससे पहले वित्तवर्ष मैं 22.66 अरब डॉलर का FDI आया था। 

3.GST कलेक्शन 

The total gross GST revenue collected in the month of July, 2019 is ₹ 1,02,083 crore of which CGST is ₹ 17,912 crore, SGST is ₹ 25,008 crore, IGST is ₹ 50,612 crore (including ₹ 24,246 crore collected on imports) and Cess is ₹ 8,551 crore (including ₹797 crore collected on imports). The total number of GSTR 3B Returns filed for the month of June up to 31st July, 2019 is 75.79 lakh.

GST कलेक्शन लगातार दूसरे महीने बढ़कर 1 लाख करोड़ के पार पहुंच गया हैं दिसंबर महीने में 1 लाख 3 हज़ार 184 करोड़ रुपये इससे पहले नवंबर में 1,03,492 करोड़ रुपये  
वहीं अक्टूबर में 95380 करोड़ रुपये और सितम्बर में 91916 करोड़ का GST कलेक्शन हुआ था। 

4. ऑटो सेक्टर में राहत


The Indian auto industry became the 4th largest in the world with sales increasing 9.5 per cent year-on-year to 4.02 million units (excluding two wheelers) in 2017. It was the 7th largest manufacturer of commercial vehicles in 2018. 
The Two Wheelers segment dominates the market in terms of volume owing to a growing middle class and a young population. Moreover, the growing interest of the companies in exploring the rural markets further aided the growth of the sector.

औरो सेक्टर के लिए भी दिसंबर में अच्छी खबर आई हैं दिसंबर में मारुती ,महेंद्र और ऍम जी मोटर्स की करो  बिक्री में  उछाल आया हैं। साल के पहले दिन जारी आंकड़ों के अनुशार मारुति सुजुकी ने दिसंबर में अपनी बिक्री में 2.4% की बढ़त हासिल की हैं. 

5. एयर इंडिया की आमदनी बढ़ी 


Air India records 20% growth in revenue

The increase of frequency to the San Francisco route to nine days a week is expected to give the airline Rs 90 crore a month.


नए साल की सुरवात में इस एयरलाइन्स के लिए अच्छी खबर आई हैं इस वित्तवर्ष के अप्रैल से नवंबर तक के 8 महीनो में इंटरनेशनल रुट पर एयर इंडिया की आय में 20 % की बढ़त हुई हैं। 

6. फास्टैग टोल टैक्स कलेक्शन में दोगुनी बढ़ोत्तरी 

all the data taken from the newspaper and government websites

देश के सभी राज्यमार्गो पर फास्टैग से टोल टैक्स चुकाना 15 जनवरी से अनिवार्य हो जायेगा। एक अच्छी खबर ये हैं की नवंबर की तुलना में दिसंबर महीनो में फास्टैग से ट्रांसक्शन करीब दोगुना हो गया हैं। 

7.UPI से लेनदेन 2 लाख करोड़ के पार पंहुचा 

this data is year of 2019

this data is  year 2018 


डिजिटल ट्रांसक्शन के मोर्चे पर भी मोदी सरकार को बहुत अच्छी खबर मिली हैं UPI से दिसंबर महीने में लेनदेन बढ़कर 2 लाख करोड़ के पार पहुंच गया हैं। UPI की सुरुवात 2016 में हुई थी और पहली बार लेनदेन २ लाख करोड़ के पार पंहुचा हैं। 

मैंने ये पोस्ट बहुत म्हणत से लिखा हैं मुझे मालूम हैं कुछ लोग बोलेंगे की सरकार शिक्षा में काम नहीं कर रही हैं ,रोजगार नहीं दे रही हैं ,इकॉनमी निच्चे जा रहा और बहुत से मुद्दे हैं जिसपर लोग बोलेंगे तो  मैं आप को बता दूँ मैं यंहा राजनीति करने के लिए नहीं बैठा हूँ। 
और रही नौकरी की बात तो सरकार तुम्हारे घर पर नहीं आयेगी नौकरी देने तुम्हे बहार निखारकर ढूढना पड़ेगा और तुम्हारे अंदर काबिलियत होगी तो कभी कोई भी आदमी बेरोजगार नहीं बैठा रहेगा। 

और बहुत से मुद्दे हैं जिसपर लोग सवाल पूछेंगे तो मैं बता दूँ की जब पिछले 70 सालो में नहीं पूछा तो आज तुमको 5 सालो में सब चाहिए टाइम दो सब अच्छा होगा। 

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