3करोड़ छोटे और सीमांत किसानों को लाभ देने के लिए 30000करोड़ रुपए की अतिरिक्त सुविधा लेकर आए हैं। ये नाबाड के अलावा दी जाने वाले 30000करोड़ की राशि है। ये राशि स्टेट, जिला और ग्रामीण कॉपरेटिव बैकों के माध्यम से राज्यों को दी जाएगी


3करोड़ छोटे और सीमांत किसानों को लाभ देने के लिए 30000करोड़ रुपए की अतिरिक्त सुविधा लेकर आए हैं। ये नाबाड के अलावा दी जाने वाले 30000करोड़ की राशि है। ये राशि स्टेट, जिला और ग्रामीण कॉपरेटिव बैकों के माध्यम से राज्यों को दी जाएगी



  • CLSS क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम जो 31मार्च2020 तक बढ़ाई गई थी जिसका लाभ 3लाख30हज़ार के लगभग मध्यम परिवारों को हुआ था, इसे 31मार्च2021 तक बढ़ा दिया गया है। इससे लगभग ढाई लाख से ज्यादा परिवारों को लाभ मिलेगा। इसमें कुल 70000करोड़ की इन्वेस्टमेंट आएगी


  • मिडल इनकम ग्रुप जिनकी आय 6लाख-18लाख प्रति वर्ष है उनके लिए 70000 करोड़ का बढ़ावा देने वाली योजना लाए हैं जिससे उन्हें हाउसिंग सेक्टर में लाभ मिलेगा


  • रेहड़ी,पटरी और ठेले पर सामान बेचने वाले हमारे भाई-बहन हैं उनके लिए 5000करोड़ की विशेष सुविधा लेकर आए हैं। 10000 रुपए प्रति व्यक्ति इनको सुविधा दी जाएगी। जो डिजिटल पेमेंट करेगा उनको ईनाम भी मिलेंगे। इससे आने वाले समय में उन्हें अतिरिक्त लाभ मिलेगा


  • जो MUDRA शिशु ऋण श्रेणी में लोग आते हैं उनके लिए 1500करोड़ रुपए, ब्याज में 2%राहत देने की योजना सरकार लाई है। 1लाख 62करोड़ रुपए अब तक इस योजना के अंतर्गत दिए गए हैं। इस योजना के माध्यम 3करोड़ लोगों को 1500करोड़ के करीब लाभ मिलने वाला है


  • 'वन नेशन वन राशन कार्ड' सभी प्रवासी मजदूरों के लिए लाने वाले हैं। इसकी मदद से आप राज्य के किसी भी उचित मुल्य की दुकान से अपना राशन खरीद सकते हैं


  • 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों के राशन के लिए 3500 करोड़ का प्रावधान सरकार करने जा रही है। प्रति व्यक्ति 2 महीने मुफ्त 5-5 किलो चावल और गेहूं और 1 किलो चना प्रत्येक परिवार को दिया जाएगा


  • 23 राज्यों में 67करोड़ लाभार्थी 83% PDS की जनसंख्या अब तक इसमें कवर हो चुकी है और मार्च 2021 तक हम इसे 100% कवर कर लेंगे


  • यही नहीं स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए तीन बार का भोजन शेल्टर होम्स में लोगों को उपलब्ध करवाया गया। 12000 स्वंय सहायता समूहों ने 3 करोड़ मास्क और 1,20,000 लीटर सेनिटाइजर का उत्पादन किया है


  • प्रवासी मजदूर और शहरी गरीबों को राहत पहुंचाने के लिए आपदा राहत फंड के माध्यम से 11000 करोड़ से अधिक की राशि राज्यों को उपलब्ध करवायी गई


  • कृषि उत्पादों की खरीद के लिए 6700करोड़ की वर्किंग कैपिटल भी राज्यों को उपलब्ध करवाई गई है


  • कॉर्पोरेटिव बैंक और रिजनल रुरल बैंक को मार्च 2020 नाबाड ने 29,500 करोड़ के रिफाइनेंस का प्रावधान किया। ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए राज्यों को मार्च में 4200 करोड़ की रुरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड राशि दी गई


  • पिछले मार्च और अप्रैल महीने में 63 लाख ऋण मंजूर किए गए जिसकी कुल राशि 86600 करोड़ रुपया है जिससे कृषि क्षेत्र को बल मिला है


  • 3करोड़ किसानों के लिए जो 4,22,000 करोड़ के कृषि ऋण का लाभ दिया गया है उसमें पिछले तीन महीनों का लोन मोरटोरियम है। ब्याज पर सहायता दी है। 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड की मंजूरी दी है जिसकी लिमिट 25000 करोड़ होगी


  • आज की कॉन्फेंस प्रवासी श्रमिकों, सड़क के किनारे स्टॉल या रेहड़ी लगाने वालों, छोटे व्यापारियों, स्वरोजगार वालों और छोटे किसानों पर केंद्रित है





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