देहरादून में इंडस्ट्रीज मांग और श्रमिकों की कमी के चलते अपना उत्पादन नहीं बढ़ा पा रही हैं। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने बताया:उत्तराखंड में करीब 65,000 MSMEs और 300 बड़े उद्योग हैं। लगभग 8,000-9,000 औद्योग ही शुरू होने की स्थिति में आ पाए हैं।
सरकार ने जो 20लाख करोड़ का पैकेज दिया है वो मध्यम और लंबे तौर पर तो मदद करेगा लेकिन हमें अब तक तत्काल मदद नहीं मिली। इस दौरान हमने करीब 15हज़ार करोड़ का नुकसान उठाया। अगर कोई तत्काल मदद नहीं मिली तो माइक्रो व स्मॉल सेक्टर की 25-30% इंडस्ट्रीज बंद हो जाएंगी:पंकज गुप्ता,अध्यक्ष IIA
सरकार के द्वारा किये गए लॉक डाउन के चलते बहुत से मजदूर अपने गाओं की तरफ चले गए हैं क्योंकि लोगो को उस समय कोई रोजगार नहीं दिया गया। मजदूरों के गावं जाने के कारण कंपनियों में बहुत से मजदूरों की कमी आई हैं। बहुत से मालिकों का कहना है की अगर वो वापस आते हैं तो उनको काम पर रखा जाएगा।
छोटी ईस्टर पर काम करने वाली फॅक्टरीस में बहुत से मजद्दोरो की कमी के कारण मालिकों को प्रोडक्शन बढ़ने में काफी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा हैं।
सरकार ने जो 20लाख करोड़ का पैकेज दिया है वो मध्यम और लंबे तौर पर तो मदद करेगा लेकिन हमें अब तक तत्काल मदद नहीं मिली। इस दौरान हमने करीब 15हज़ार करोड़ का नुकसान उठाया। अगर कोई तत्काल मदद नहीं मिली तो माइक्रो व स्मॉल सेक्टर की 25-30% इंडस्ट्रीज बंद हो जाएंगी:पंकज गुप्ता,अध्यक्ष IIA
सरकार के द्वारा किये गए लॉक डाउन के चलते बहुत से मजदूर अपने गाओं की तरफ चले गए हैं क्योंकि लोगो को उस समय कोई रोजगार नहीं दिया गया। मजदूरों के गावं जाने के कारण कंपनियों में बहुत से मजदूरों की कमी आई हैं। बहुत से मालिकों का कहना है की अगर वो वापस आते हैं तो उनको काम पर रखा जाएगा।
छोटी ईस्टर पर काम करने वाली फॅक्टरीस में बहुत से मजद्दोरो की कमी के कारण मालिकों को प्रोडक्शन बढ़ने में काफी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा हैं।
0 Comments
Please do not enter any spam link in the comment box