कहते हैं बेटे अगर भाग्य से होते हैं तों बेटियां सौभाग्य से होती हैं….अगर बेटे अंश हैं तो बेटीयां वंश हैं..और बेटा आन हैं, तो बेटीयां शान हैं। पर अफसोस हमारे देश में कुछ ऐसे संकीर्ण मानसिकता के लोग हैं जो एक लंबे समय से बेटियों के साथ भेदभाव करते आ रहे हैं। इनकी कट्टर सोच के कारण..बेटियों की अच्छी शिक्षा और परवरिश तो छोड़िए। बेटियां जन्म तक नहीं ले पातीं। इसीलिए भारत में लिंगानुपात यानी सेक्स रेशियो की स्थिति लगातार बिगड़ती रही। पर आपको भी पता है जड़ों तक जमी इस घटिया सोच को उखाड़ फेंकने में समय लगता है। बेटियों के चहुमुखी विकास के…
2 अक्टूबर से सिंगल यूज प्लास्टिक को बंद किया जायेगा प्लास्टिक इंसान से लेकर पर्यावरण और समुद्री जीव जंतुओं को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा रहे हैं। हजारों जीव जंतु इन प्लास्टिक के टुकड़ों को खाकर हर साल मर जाते हैं। भारत की बात करें तो यहां इस्तेमाल होने वाले कुल प्लास्टिक में 40 फीसदी हिस्सा सिंगल यूज प्लास्टिक का है जिसे एक बार इस्तेमाल कर के फेंक दिया जाता है। सिंगल यूज प्लास्टिक से होने वाले नुकसान को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले के प्राचीर से इसे बंद करने के लिए मुहिम शुरू करने की बात की थी और अब…
तेल मार्केटिंग कंपनियों ने छह हवाई जहाज़ अड्डों में तेल देने से मना कर दिया तेल मार्केटिंग कंपनियों ने छह हवाई अड्डों - कोच्चि, पुणे, पटना, रांची, vizag और मोहाली में बकाया भुगतान न करने पर एयर इंडिया के विमानों को ईंधन देना बंद कर दिया है। इन विमानों ने इन विमानों को मूल हवाई अड्डे पर ईंधन की मात्रा को दोगुना करने के लिए उड़ान भरने के लिए मजबूर किया है। टाइम्स ऑफ इंडिया का कहना है कि विमान का वजन बढ़ जाता है, जिसके परिणामस्वरूप यात्रियों को लंबे मार्गों पर उतार दिया जाता है। कैश-स्ट्रैप वाली एयरलाइन, जिसका तेल कंपनियों पर लगभग …
रेलवे स्टेशन पर इस महिला ने गया लता मंगेशकर का गाना " तेरी मेरी कहानी " हाल में ही एक वीडियो काफी वायरल हुआ था। जिसमें एक महिला स्टेशन में बैठकर लता मंगेशकर का गाना 'एक प्यार का नगमा' गाती नजर आ रही हैं। एक बार फिर यह महिला चर्चा में आ गई है।
करोड़पति नाइ की कहानी इनका नाम महेशबाबू है वैसे तो ये पेशे से नाइ है लेकिन इनका बिज़नेस है कार को भाड़े पर देना ,इन्होने अपनी खुद की कमाई से 378 कारे खरीदी जिसमे से 120 करे लुक्सरियस करे है इनके पास बहुत से महगीं करे हैं।
149 साल बाद लग रहा है ऐसा चंद्रग्रहण 16 /17 जुलाई को जाने ऐसा क्यों होता है ? वस्तुत: ग्रहण भूच्छाया में प्रवेश व चंद्र बिम्ब के आड़ होने से होता है। यह बात भारतीय विदयानो ने सबसे पहले जानी थी तथा संसार को पढ़ाई है। पुराणों में ये बात आयी है। वे भी अपनी जगह सही है ,उनका उपहास करके ,छात्रों का बुद्धिभेद करके पूर्वजो को तथा कथित लोग अयग भ्रांत ,प्रमादी कहने का अनुचित साहस करक कार्य है शिक्षा में सुधार करना चाहिए ,सब लोग अनेक वषो से कहते हैं करते नहीं है आप इस भ्रम में न पड़े शास्त्र कहता है वैसा करे आप का कल्याण होगा चंद्रग्रहण आषाढ़ शुक…
केदारनाथ को क्यों कहते हैं ‘जागृत महादेव’ ?, दो मिनट की ये कहानी रौंगटे खड़े कर देगी " एक बार एक शिव-भक्त अपने गांव से केदारनाथ धाम की यात्रा पर निकला। पहले यातायात की सुविधाएँ तो थी नहीं, वह पैदल ही निकल पड़ा। रास्ते में जो भी मिलता केदारनाथ का मार्ग पूछ लेता। मन में भगवान शिव का ध्यान करता रहता। चलते चलते उसको महीनो बीत गए। आखिरकार एक दिन वह केदार धाम पहुच ही गया। केदारनाथ में मंदिर के द्वार 6 महीने खुलते है और 6 महीने बंद रहते है। वह उस समय पर पहुचा जब मन्दिर के द्वार बंद हो रहे थे। पंडित जी को उसने बताया वह बहुत दूर से महीनो की…
माई तो माई होली हमारे भोजपुरी में हमरो खातिर बनवइले होइगवन रूप के रानी ... दुनिया मे सबसे अलग होई आंपन के काहनी ... मन के मँदरिया के हमरे मुरतिया ... कर दे दीवाना के येतन सूरत ... जइह इक झलख मिलैगी ,,, जिन्दगी योही दीन सुरल हो जयई ।।। चलती फिरती आँखों से अज़ाँ देखी है, मैंने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है। तेरे क़दमों में ये सारा जहां होगा एक दिन, माँ के होठों पे तबस्सुम को सजाने वाले। सर पर जो हाथ फेरे तो हिम्मत मिल जाये, माँ एक बार मुस्कुरा दे तो जन्नत मिल जाये। सूना-सूना सा मुझे ये घर लगता है, माँ जब नहीं होती तो बहुत डर …